Eiffel tower | एफिल टॉवर का इतिहास

फ़्रांस के  Eiffel tower | एफिल टॉवर का इतिहास  के बारे में आप सब अछि तरीके से जानते ही होंगे पर में आप को उसकी सारी हकीकत के बारे में बताऊंगा… Eiffel tower | एफिल टॉवर का इतिहास

Eiffel tower | एफिल टॉवर का इतिहास

एफिल टॉवर का इतिहास

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1 एफिल टॉवर का इतिहास
1.1 फ़्रेंस इंजीनियर गुस्ताव एफिल के नाम से चर्चित टावर एफिल टावर मूल्त :ह फ़्रांस में नहीं किन्तु स्पेन में बनाने की योजना थी। गुस्ताव ऐफिले बड़े कद के तकरीबन कंट्रक्सन पराये देश में ही बनाये थे ,रशिया के नदी पर का बांध ,पनामा नहर के ऑटोमेटिक द्वार ,फिलिपाइन्स में मनीला शहर में भव्य चर्च ,दक्षिण अमेरिकी में बोलीविया के कारखाने, यूरोप में हंगेरी का बुडापेस्ट शहर के रेल्वें स्टेशन ,पोर्तुगाल में [ पोलाद ] लोहे का पुल ,शामिल हे, स्पेन की सरकार ने उसको राजधानी मेड्रिड में टावर बनाने का जिम्मा सौपा था गुस्ताव ऐफिले टावर की ब्लू प्रिन्ट तैयार की थी किन्तु ब्लू प्रिंट जैसा विराट टावर अतः पेरिस में बनाना पडा…..
फ़्रेंस इंजीनियर गुस्ताव एफिल के नाम से चर्चित टावर एफिल टावर मूल्त :ह फ़्रांस में नहीं किन्तु स्पेन में बनाने की योजना थी। गुस्ताव ऐफिले बड़े कद के तकरीबन कंट्रक्सन पराये देश में ही बनाये थे ,रशिया के नदी पर का बांध ,पनामा नहर के ऑटोमेटिक द्वार ,फिलिपाइन्स में मनीला शहर में भव्य चर्च ,दक्षिण अमेरिकी में बोलीविया के कारखाने, यूरोप में हंगेरी का बुडापेस्ट शहर के रेल्वें स्टेशन ,पोर्तुगाल में [ पोलाद ] लोहे का पुल ,शामिल हे, स्पेन की सरकार ने उसको राजधानी मेड्रिड में टावर बनाने का जिम्मा सौपा था गुस्ताव ऐफिले टावर की ब्लू प्रिन्ट तैयार की थी किन्तु ब्लू प्रिंट जैसा विराट टावर अतः पेरिस में बनाना पडा…..

ऐफिल टॉवर निर्माण

एफिल टावर का निर्माण फ्रांस की राजधानी में उस समय की परिस्थितियों के कारण ही किया गया था। 1880 के दशक में फ्रांस को प्रशिया (जर्मनी) के विरुद्ध युद्ध में करारी हार का सामना करना पड़ा। आर्थिक रूप से भी उनकी हालत ख़राब थी.और जब फ्रांस फिर से आर्थिक और सैन्य रूप से सफल हो गया, तो उसने यूरोपीय देशों को अपना नया चेहरा दिखाने के लिए 1889 में विश्व मेले (फ्रेंच भाषा के अनुसार एक्सपोज़िशन यूनिवर्सेल) का आयोजन किया। विश्व मेले के प्रतीक स्वरूप एक भव्य निर्माण कराया जाना था। फ्रांस सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित किये. कुल मिलाकर करीब 700 प्रस्ताव आये. गुस्ताव एफिल ने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टावर का एक ब्लूप्रिंट स्पेन भी भेजा और फ्रांसीसी सरकार ने इसे मंजूरी दे दी।

फ्रांस में चित्रकारों, लेखकों, मूर्तिकारों, वास्तुकारों आदि के कुछ वर्गों को एफिल टॉवर पसंद नहीं आया। उन सभी ने प्रोटेस्टेशन डेस आर्टिस्ट्स (कलाकारों द्वारा विरोध) शीर्षक के तहत सरकार से याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने एफिल टावर को पेरिस की खूबसूरती खराब करने वाला लोहे का राक्षस बताया था।

एफेल टावर का वजन हर साल क्यों बढ़ता हे?

लगभग 61,000 लीटर ऑयल पेंट के कारण एफिल टॉवर का वजन हर सात साल में 60 मीट्रिक टन बढ़ जाता है।1912 में, फ्रांज रीचेल नामक एक खोजकर्ता, जो एक मीनार के ऊपर से गिर गया था, उसने आत्महत्या नहीं की, लेकिन फिर भी उसकी मृत्यु हो गई। क्योंकि फ्रांज रीचेल  जिस पैराशूट का परीक्षण करना चाहता था वह नहीं खुला। इस स्टील मीनार के निर्माण में लगभग 15,000 विभिन्न भागों का उपयोग किया गया है। भागों को जोड़ने लिए 25,00,000 रिवेइट्स लगाए गए हे । इससे मीनार बेहद मजबूत हो गई है, जब 180 किमी की रफ्तार से तूफान आता है तो मीनार का शीर्ष 18 सेंटीमीटर तक झुक जाता है, लेकिन मजबूती को कोई खतरा नहीं होता। 300 मीटर (984 फीट) ऊंचे एफिल टॉवर ने 41 वर्षों तक दुनिया की सबसे ऊंची संरचना का रिकॉर्ड कायम रखा। अमेरिका की 319 मीटर ऊंची क्रिसलर बिल्डिंग ने 1930 में उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इसके बावजूद, गुस्ताव एफिल का ‘आयरन मॉन्स्टर’ इतना लोकप्रिय है कि आज दुनिया भर में छोटे और बड़े आकार के 30 ‘एफिल टावर्स’ की प्रतिकृतियां मौजूद हैं। उसकी प्रतिकृति हम चंडीगढ़ और सूरत में देखते हैं……

FAQ…

  1. एफिल टावर कब बना और किसने बनवाया? >एफिल टॉवर का निर्माण 1887 से 1889 तक फ्रांसीसी इंजीनियर गुस्ताव एफिल द्वारा किया गया था, जिनकी कंपनी धातु के ढांचे और संरचनाओं के निर्माण में विशेषज्ञता रखती थी
  2. एफिल टावर कौन से देश में है?> पेरिस के एफिल टावर को फ्रांस की आन-बान-शान कहां जाता है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाली ये इमारत विश्व के सात अजूबों में शामिल है। बता दें, इस इमारत का निर्माण 1889 में फ्रांस में आयोजित हुए विश्व मेले के एंट्री गेट के रूप में किया था।
  3. एफिल टावर पर कितनी लाइटें हैं?>एफिल टॉवर की प्रकाश इकाई 2003 में एक स्थायी स्थिरता बन गई। इसके चमकदार प्रभाव को प्राप्त करने के लिए, टॉवर के प्रत्येक पक्ष को 5,000 धातु के आवरणों से सुसज्जित किया गया था जिसमें 6W क्सीनन बल्ब था, कुल मिलाकर 20,000 लैंप और 120 किलोवाट बिजली उपयोग होता हे ।
  4. एफिल टॉवर में कितनी मंजिलें हैं?>टावर में तीन मंजिलें हैं जो जनता के लिए खुली हैं: पहली मंजिल, दूसरी मंजिल और शिखर। दूसरी मंजिल में 2 स्तर हैं, जैसा कि शिखर में है (एक बंद निचला स्तर, और ऊपर एक खुली हवा वाला स्तर)। यहां के आगंतुक सीढ़ियों या लिफ्ट द्वारा पहली दो मंजिलों तक पहुँच सकते हैं।
  5. विश्व का सबसे बड़ा टावर कहाँ है?>
    दुबई में स्थित बुर्ज खलीफा दुनिया का सबसे ऊंचा टावर है, इसके नाम विश्व गिनीज बुक में तीन रिकॉर्ड है: सबसे ऊंचा टावर, सबसे ऊंचा फ्रीस्टैंडिंग टावर, सबसे ज्यादा मंजिलें।

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